न्यूज डेस्क आगरा मीडिया ::.CAA के समर्थन में प्रदर्शन के दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं को पीटे जाने के खिलाफ खुद पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने राजगढ़ की घटना को लोकतंत्र के लिए काला दिन बताते हुए एक के बाद एक कई ट्वीट किए। उन्होंने पूछा कि क्या डेप्युटी कलेक्टर को बीजेपी कार्यकर्ताओं को पीटने का आदेश मिला था।
चाटुकारिता के नशे में सीमाएं लांघ रहे अधिकारी: शिवराज
डेप्युटी कलेक्टर के प्रदर्शनकारियों पर हाथ उठाने को लेकर मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ट्विटर पर लिखा, 'मध्यप्रदेश में ऐसे अधिकारी, जो चाटुकारिता के नशे में अपनी सीमाएं लांघ रहे हैं, उनपर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। कांग्रेस सरकार के साथ-साथ अब शासन-प्रशासन की मानसिकता भी हिंसक हो गई है, जिसका अहिंसक विरोध हम प्रदेशवासियों के साथ करेंगे! हिंसक मानसिकता का अहिंसक विरोध!' उन्होंने डेप्युटी कलेक्टर प्रिया वर्मा पर गली के गुंडे-बदमाशों की तरह नागरिकों पर हमला करने का आरोप लगाया।
सामने आए विडियो में देखा जा सकता है कि प्रिया वर्मा प्रदर्शनकारियों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर रही हैं। उन्होंने तिरंगा लिए एक प्रदर्शनकारी को पकड़कर खींचने की कोशिश की तो वह जमीन पर बैठ गया। इसके बाद उन्होंने एक और प्रदर्शनकारी का कॉलर पकड़ा और उसपर थप्पड़ बरसाने लगीं।
पुलिसकर्मी पर भड़क गईं डेप्युटी कलेक्टर
अपने साथी को इस कदर पिटता देख बाकी प्रदर्शनकारियों ने प्रिया वर्मा को घेर लिया और उसे छुड़ाने लगे। इसी का फायदा उठाकर किसी ने पीछे से उनकी चोटी पकड़कर जोर से खींच ली। इसके तुरंत बाद ही पुलिसकर्मियों ने उन्हें घेर लिया और सुरक्षा घेर में कर लिया। अपने साथ हुई इस बदसलूकी के बाद प्रिया वर्मा महिला पुलिसकर्मी को डांटती दिखाई दीं।
चाटुकारिता के नशे में सीमाएं लांघ रहे अधिकारी: शिवराज
डेप्युटी कलेक्टर के प्रदर्शनकारियों पर हाथ उठाने को लेकर मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ट्विटर पर लिखा, 'मध्यप्रदेश में ऐसे अधिकारी, जो चाटुकारिता के नशे में अपनी सीमाएं लांघ रहे हैं, उनपर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। कांग्रेस सरकार के साथ-साथ अब शासन-प्रशासन की मानसिकता भी हिंसक हो गई है, जिसका अहिंसक विरोध हम प्रदेशवासियों के साथ करेंगे! हिंसक मानसिकता का अहिंसक विरोध!' उन्होंने डेप्युटी कलेक्टर प्रिया वर्मा पर गली के गुंडे-बदमाशों की तरह नागरिकों पर हमला करने का आरोप लगाया।
सामने आए विडियो में देखा जा सकता है कि प्रिया वर्मा प्रदर्शनकारियों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर रही हैं। उन्होंने तिरंगा लिए एक प्रदर्शनकारी को पकड़कर खींचने की कोशिश की तो वह जमीन पर बैठ गया। इसके बाद उन्होंने एक और प्रदर्शनकारी का कॉलर पकड़ा और उसपर थप्पड़ बरसाने लगीं।
पुलिसकर्मी पर भड़क गईं डेप्युटी कलेक्टर
अपने साथी को इस कदर पिटता देख बाकी प्रदर्शनकारियों ने प्रिया वर्मा को घेर लिया और उसे छुड़ाने लगे। इसी का फायदा उठाकर किसी ने पीछे से उनकी चोटी पकड़कर जोर से खींच ली। इसके तुरंत बाद ही पुलिसकर्मियों ने उन्हें घेर लिया और सुरक्षा घेर में कर लिया। अपने साथ हुई इस बदसलूकी के बाद प्रिया वर्मा महिला पुलिसकर्मी को डांटती दिखाई दीं।



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